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पत्नी और प्रेमिका

 संवाद शुरू हुआ पत्नी और प्रेमिका के बीच  सवाल ये था कि किसकी एहमियत क्या है  दोनों ने पन्ने  पलटे  अपने अपने किरदार के...  पत्नी के हिस्से आया औढ़ा, मान सम्मान  Preminka को मिले हज़ारो सवाल, हज़ारो taane  Avaidh होने का apmaan  पत्नी को mili jimmedariyan  और प्रेमिका के हिस्सी आयी रुस्वाइयाँ  पत्नी को मिला सर उठा कर साथ chlne का adhikar  प्रेमिका को naseeb हुआ बंद कमरे का बे hisaab प्यार  पत्नी को मिला घर, gaadi, daulat और जेवरात  प्रेमिका को मिला पूरे दिल पर adhikaar  पत्नी को mili zimmedari घर कि  माँ बाप baccho कि dekhbhal  प्रेमिका को मिला प्रेमी कि मानसिक सुकून का काम  पत्नी को मिले बंद सवाल, छुपा हुआ हाल, सब सही है का jawab  प्रेमिका बनी टूटे दिल, बिखरे हालात और हारे हुए प्रेमी कि ढाल  पत्नी मिला घर खर्च, त्योहारों के कपडे, शादि कि सालगिरह के  jevraat प्रेमिका के हिस्से आयी चुप छुपा कर एक मैसेज, एक कॉल या फिर मिलने का वादा  जब बारी आयी साथ निभाने कि, सम्मान दिलाने कि,  ...

तुम बहुत ख़ास हो

 सुनो मुझे तुमसे कुछ कहना है  मुझे तुम्हे btana है कि तुम मेरे लिए क्या हो  तुम मेरा सुकून हो, मेरे चेहरे का noor हो  तुम मेरी खूबसूरती हो, तुम मेरी khushboo हो  तुम नज़र भर मुझे देख लो तो  मेरा श्रृंगार पूरा सा हो जाता है  तुम मुझे ऊँगली भर छू लो, तो जैसे  जीवन पूरा सा हो जाता है  तुम्हारी सांसो कि जरा सी ahat से महक जाती हूँ  तुम्हारी आवाज से अपना नाम लूँ लू तो  फिर से जी जाती हूँ.  लाखों कि भीड़ हो मुझे क्या लेना  मैं तुम्हारे होने से ही पूरी सी हो जाती हूँ  मुझे बताना है कि तुम मेरी dhadkti hui सांस हो  तुम मेरे मन में छुपा ehsaas हो  जब khushi में आंसू टपक जाते है  तुम वो बात हो.  गम में भी मैं मुस्कुरा दूँ तुम वो साथ हो  तुम बहुत ख़ास हो.  मुझे नहीं कहना कि तुम मेरे हो  मुझे बताना है कि मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ  मुझे बताना है कि तुम कहो न कहो  मैं सब sun leti hoo तुम मेरे लिए छोड़ दो कुछ, मैं नहीं मांगती  मैं त्याग दूँ साँसे भी तुम्हारे लिए  बस जितना जानती हूँ...