तुम बहुत ख़ास हो

 सुनो मुझे तुमसे कुछ कहना है 

मुझे तुम्हे btana है कि तुम मेरे लिए क्या हो 

तुम मेरा सुकून हो, मेरे चेहरे का noor हो 

तुम मेरी खूबसूरती हो, तुम मेरी khushboo हो 

तुम नज़र भर मुझे देख लो तो 

मेरा श्रृंगार पूरा सा हो जाता है 

तुम मुझे ऊँगली भर छू लो, तो जैसे 

जीवन पूरा सा हो जाता है 

तुम्हारी सांसो कि जरा सी ahat से महक जाती हूँ 

तुम्हारी आवाज से अपना नाम लूँ लू तो 

फिर से जी जाती हूँ. 

लाखों कि भीड़ हो मुझे क्या लेना 

मैं तुम्हारे होने से ही पूरी सी हो जाती हूँ 

मुझे बताना है कि तुम मेरी dhadkti hui सांस हो 

तुम मेरे मन में छुपा ehsaas हो 

जब khushi में आंसू टपक जाते है 

तुम वो बात हो. 

गम में भी मैं मुस्कुरा दूँ तुम वो साथ हो 

तुम बहुत ख़ास हो. 

मुझे नहीं कहना कि तुम मेरे हो 

मुझे बताना है कि मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ 

मुझे बताना है कि तुम कहो न कहो 

मैं सब sun leti hoo

तुम मेरे लिए छोड़ दो कुछ, मैं नहीं मांगती 

मैं त्याग दूँ साँसे भी तुम्हारे लिए 

बस जितना जानती हूँ 

अब तुम मेरा अंत, तुम ही आरंभ हो 

तुम मेरा जावन तुम ही आनंद हो. 

तुम हो तो मैं हूँ 

मैं बस तब तक़ जब तक़ तुम हूँ 

तुम सारी बात हो 

तुम बहुत ख़ास हो 

बहु त खास हो 

टिप्पणियाँ

kuch reh to nahi gya

हाँ,बदल गयी हूँ मैं...

Kuch rah to nahi gaya

बस यही कमाया मैंने